पॉलीसिस्टिक किडनी रोग फुल जानकरी, समस्याएँ, लक्षण, जांच, इलाज, आहार, उपचार (Polycystic Kidney Disease-Symptoms, causes

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जब किडनी में गांठे बनना शुरू हो जाती है. और किडनी की कार्य क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है तो वह पॉलिस्टिक किडनी रोग कहलाता है. यह एक अनुवांशिक रोग होता है. जो धीरे-धीरे इंसान की लाइफ को भी कम करता है.

इस आर्टिकल मे हम polycystic kidney disease in Hindi की सरल और सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे.

यह आर्टिकल केवल Education उद्देश के लिए हैं. अगर आपको लगता हैं कि आप पॉलिस्टिक किडनी रोग से पीड़ित हैं या आपको polycystic kidney disease के लक्षण दिखाई या महसूस हो रहे हैं. तो gyanhealth.com आपको सुझाव देता हैं कि आप किसी चिकित्सक से परामर्श करें. डॉक्टर के उचित परामर्श और जांच के उपरांत ही , उचित इलाज संभव है.

Table of Contents

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग क्या हैं? | What Is Polycystic Kidney Disease?

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease) जिसे पॉलीसिस्टिक गुर्दा रोग भी कहते हैं. इसमें किड़नी मे छोटी छोटी गांठे या गोलियां बन जाती हैं. यह गोलियां किड़नी मे कैल्शियम और पोटिसियम की मात्रा बड़ जाने के कारण होती हैं.

इन गोलियों को किडनी पॉलिसिस्ट्स भी कहा जाता हैं. तथा इससे होने वाले रोग को पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease) कहा जाता हैं. पॉलिसिस्ट्स, बायोलॉजि की दृष्टि से जेनेटिक म्यूटेशन के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं.

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लक्षण | Polycystic kidney disease symptoms

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग( Polycystic kidney disease)के करण व्यक्ति की आयु मै कमी होती जाती हैं. यह लक्षण अनुवांशिकी के पहले दशक मै नही दिखाई देते है. जब किड़नी मै ज्यादा गांठे बन जाती हैं. तब इसके लक्षण दिखाई देते हैं और रोगी को प्रभावित भी करते हैं.

पॉलीसिस्टिक गुर्दा रोग के लक्षण, किसी अन्य बीमारी से संबंधित या किड़नी की अन्य बिमारी से संबंधित हो सकते हैं. इसके लिए डॉक्टर से जरुर परामर्श करे.
आईए जानते हैं पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लक्षण

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मूत्राशय

शरीर का मुख्य अंग हैं, किड़नी. यह हमारे शरीर में रक्त को साफ़ करता हैं और वेस्ट मटेरियल को यूरीन के रूप मे बाहर निकाल देता हैं. पॉलीसिस्टिक किडनी रोग ( Polycystic kidney disease) मै आपके मूत्र मैं कमी या वृद्धि या मूत्र का धीरे धीरे कम होना सुरु हो जाता हैं. इस रोग के कारण मूत्र में खून भी निकल सकता हैं. जिस कारण मूत्र के रंग मै परिवर्तन होता हैं.

सूजन की समस्या

किड़नी शरीर मैं पेट का महत्पूर्ण अंग हैं. पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease) के लक्षण अगर आप मै हैं तो इसके कारण आपके पेट मै सुजन की समस्या होती हैं. जिसके कारण शरीर मै बहुत बैचेनी हाेती हैं.

शरीर में दर्द

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease) के लक्षण होने के उपरांत आपको कभी पसलियों के दोनों और दर्द होगा, कभी पेट में दर्द होगा, पीठ में दर्द और शरीर हमेशा भारीपन सा महसूस करवाता रहता है.

हाई ब्लड प्रेशर/ उच्च रक्तचाप

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग में उच्च रक्तचाप होने की समस्या आती है. जिससे कभी-कभी सीने में दर्द, सिर में दर्द, चक्कर आना, थकान, आदि महसूस होती है.

किडनी की खराबी

इस रोग में किडनी की खराबी भी हो सकती है। जिस कारण आपको नींद नहीं आना, वजन घटना, खुजली आदि महसूस होता हैं.
किडनी की पथरी
इस रोग से पीड़ित है तो और आपको पथरी की समस्या है तो उसमें आपको दर्द अधिक महसूस होता है

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग होने के कारण | polycystic kidney disease cause

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग आजकल आम प्रकार का रोग हो गया है. इस रोग के होने का प्रमुख कारण जेनेटिक (genetic mutation) होता है. अर्थात अगर किसी व्यक्ति के परिवार में पहले से किसी को polycystic kidney disease है तो संभवत आने वाली जनरेशन में भी इसके कुछ लक्षण दिखाई देंगे.

जेनेटिक होने के साथ-साथ यह रोग जीवन शैली और दूसरे कारक जैसे कि खानपान, व्यायाम, वातावरण, अत्यधिक तनाव, आदि के कारण भी हो सकता है.

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग परीक्षण और जॉच | Polycystic kidney disease treatment

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (PKD) के लक्षण दिखाई देने पर मूत्र परीक्षण, बैक्टीरिया, प्रोटीन की मात्रा की जांच, पेट का अल्ट्रासाउंड, पेट का सीटी स्कैन, पेट का एमआरआई, रक्तचाप मापन, अल्ट्रासाउंड, गुर्दे की फंक्शन टेस्टिंग, जेनेटिक टेस्टिंग, परीक्षण किए जाते हैं.

इन सब की टेस्टिंग हो जाने के पश्चात कभी-कभी और आपको डायलिसिस करवाने का भी कहा जा सकता हैं. क्योंकि यह भी किडनी से संबंधित है

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग PKD मैं जितना जल्दी इसकी पहचान होती है. उतने जल्दी आप उस समस्या से निपटने के लिए प्रबंध और आने वाली समस्याओं से बच सकते हैं.

डायलिसिस क्या है? | What is dialysis?

जब कोशिश तो उत्पादों को पर्याप्त रूप से फिल्टर करने में सक्षम नहीं होती है तो उसके कारण अनेक समस्याएं पैदा होती हैं. तब डॉक्टर द्वारा डायलिसिस करवाने का सुझाव दिया जाता है.


डायलिसिस एक प्रकार की किड़नी थेरेपी होती हैं. जिसमे विषेश मशीनों का उपयोग करके किडनी की कार्य क्षमता और कमी को सुधारा जाता है. और विषैले पदार्थों को शरीर से निकाला जाता है. इसके कारण थकान, कमजोरी या आपकी दिनचर्या को प्रभावित करना जैसे साइड इफेक्ट भी होते हैं.

पॉलीसिस्टिक गुर्दा रोग आहार | पॉलीसिस्टिक किडनी रोग आहार | Polycystic kidney disease diet

मानव शरीर के लिए एक अच्छा और उत्तम भोजन का होना बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस प्रकार यह हमारी किडनी के लिए भी फायदेमंद होता है.

  • अत्यधिक फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए. क्योंकि इसमें से आपको पोटेशियम की सही मात्रा धीरे-धीरे मिलती है. अत्यधिक पोटैशियम एक PKD रोगी के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
  • मांस-मछली, दूध, अंडे या प्रोटीन से जुड़ी चीजों आदि का सेवन कम करें. क्योंकि यह सब प्रोटीन के स्रोत होते हैं. और अत्यधिक प्रोटीन खाने से आपकी किडनी आदि में समस्या उत्पन्न हो सकती है.
  • सब्जी आदि में तेल के जगह पर एक अच्छा शुद्ध घी, ओलिव ऑयल या कोकोनट का तेल का प्रयोग कर सकते हैं.
  • आपको अपने भोजन में फाइबर की मात्रा लेनी चाहिए. इसके कारण आपका स्वास्थ्य बेहतर होता है. और आपकी किडनी में बनने वाली सिस्ट की वृद्धि अपने आप नियंत्रित होती रहती है. फाइबर की सही मात्रा आपको फलों से प्राप्त होती है.
  • शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए. इसलिए नियमित पानी का सेवन करें. जो आपको सिस्ट को बड़ने मै नियंत्रित करती है.

पॉलीसिस्टिक किडनी की बीमारी होने पर क्या नहीं खाना चाहिए? | Foods to avoid with polycystic kidney disease

यह रोग बहुत ही संवेदनशील रोग है. इसमें आपका जागरूप होना और अपने खान-पान का विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है. अगर आप पॉलीसिस्टिक किडनी रोग से ग्रसित है, तो आपको इन चीजों का सेवन कम या नहीं करना चाहिए.

  • अत्यधिक मात्रा में पोटेशियम पाए जाने फल सब्जियां जैसे की केला, नाशपाती, आम,आलू, गोभी, आदि का सेवन नहीं करना चाहिए.अत्यधिक तला भुना हुआ नहीं खाना चाहिए.
  • ऐसी चीजों का सेवन नही करे. जिससे आपका रक्तचाप ब्लड प्रेशर बढ़ता हो.
  • अल्कोहल आदि का सेवन नहीं करें क्योंकि अल्कोहल आपकी किडनी पर प्रभाव डालती है. और आपका रक्तचाप बढ़ा सकती है.
  • जंक फूड या प्रोसैस्ड आहार का सेवन बहुत ही कम या बंद कर दें. क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में सोडियम और ऐसे आहार होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं.

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग का इलाज | Polycystic kidney disease diagnosis

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease) का इलाज आप डॉक्टर से उचित परामर्श के दौरान कर सकते हैं. क्योंकि इसका इलाज रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति और उसके रोग का स्तर, लक्षण, सभी पर निर्भर करता है. इस प्रकार डॉक्टर इसे जांच कर इलाज की सही योजना बनायेगा और सही इलाज प्रदान करेगा.

  • कुछ विशेष दवाइयां का प्रयोग करके, रक्तचाप को नियंत्रित करते इस रूप से बचाने में आपको मदद मिल सकती है.
  • डायलिसिस के द्वारा भी किडनी की कार्य क्षमता को बढ़ाया जाता है.
  • किडनी में सुस्त के आकार को कम करने के लिए ऑपरेशन सर्जरी भी की जाती है.
  • सही इलाज प्राप्त करने के लिए सही डॉक्टर से मिलने बहुत जरूरी है इससे प्रॉपर ट्रीटमेंट दिया जा सके. इसके लिए किडनी विशेषज्ञ से परामर्श लेना बहुत ही जरूरी है.

क्या पॉलीसिस्टिक किडनी रोग ठीक हो सकता है?

इसका सही होना इसके स्तर, रोगी की स्थिति, लक्षण और डॉक्टर का सुझाव बहुत अधिक महत्वपूर्ण है.

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए कौन सा खाना अच्छा है?

ऐसी चीज जिसमें ज्यादा मात्रा में पोटेशियम न हो. और जंकफूड आदि का खाना इस रोग में उचित नहीं है.

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग किस उम्र में शुरू होता है?

अधिकांश का यह रोग 40 से ऊपर की उम्र में दिखाई देता है.

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